देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन का मुख्य आधार है। देहरादून में आयोजित एक बहुउद्देशीय शिविर के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को कृषि यंत्र और किट भी वितरित किए। मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी और किशोरी किट वितरित कीं। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। इन शिविरों में मिलने वाली शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जिन समस्याओं के समाधान में समय लगना जरूरी हो, उनके बारे में शिकायतकर्ता को स्पष्ट जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
धामी ने बताया कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य भी जनसेवा और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।


