सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत संगम: विरासत साधना में युवा कलाकारों की अलौकिक प्रतिभा ने जीता दिल

Pahad Update

देहरादून। नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘विरासत साधना’ कार्यक्रम के दौरान स्कूली विद्यार्थियों की अद्भुत प्रतिभा देखने को मिली। रिच संस्था द्वारा आयोजित विरासत महोत्सव में 25 शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने भरतनाट्यम और कथक की ओजस्वी प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों ने अपनी नृत्य कला से समां बांध दिया।

हिल फाउंडेशन की हृदयानही उप्रेती, द अर्काडिया स्कूल की वैभवी मुडगल, सरस्वती संगीत मंदिर की साफिया समायरा, सेंट जोसेफ्स की इक्षिता अग्रवाल और माउंट फोर्ट की प्रगति गुलाटी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। इसके अतिरिक्त पीएम श्री केवी आईआईपी की प्रज्ञा खंडूरी, नादांता अकादमी की नताशा टोंक, ब्राइटलैंड्स की प्रकृति धीमान, द दून स्कूल की पूर्वा सानिडी, न्यू दून ब्लॉसम्स की कनिष्का और डीएवी पीजी कॉलेज की मृगनयनी सहित अनेक कलाकारों ने भी मंच संभाला। सभी प्रतिभागियों की शानदार संगत और प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया।

इस महोत्सव ने युवाओं के मनोबल को बढ़ाने के साथ शास्त्रीय नृत्य के प्रति भारी उत्साह जगाया। बच्चों की साधना और समर्पण यह दर्शाता है कि हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है। अतिथियों और दर्शकों ने बच्चों के इस अथक प्रयास और कलाकृति की दिल खोलकर सराहना की।

विरासत साधना का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपराओं से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है। बच्चों के ओजस्वी प्रदर्शन ने भारतीय कला की गहराई, अनुशासन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति की सुंदर झलक प्रस्तुत कर दर्शकों को अचंभित किया।

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