पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के चंडाक स्थित बाबू जगजीवन राम मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर वहां चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कॉलेज में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पठन-पाठन के वातावरण और उनके अनुभवों को जाना, साथ ही चिकित्सा शिक्षा में सुधार को लेकर उनके सुझाव भी प्राप्त किए।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, पलायन पर लगेगी रोक
छात्रों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज के पूर्ण संचालन से पिथौरागढ़ समेत आसपास के पूरे सीमांत क्षेत्र के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, क्षेत्र की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार राज्य के दूरस्थ, दुर्गम और सीमांत इलाकों तक आधुनिक एवं उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज का शुरू होना स्थानीय निवासियों को उनके घर के पास ही बेहतर और त्वरित इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होगा। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अब बड़े शहरों या मैदानी इलाकों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों में राहत मिलेगी।
गुणवत्ता से समझौता न करने के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जारी निर्माण कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करें। उन्होंने साफ किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा के भीतर विकास परियोजनाओं को पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, विधायक फकीर राम टम्टा सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।


